India’s first Government Skill University

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Skill University

Circulation of Semester Fee Schedule (2nd, 4th, 6th & 8th Semester) - Last Date is 15.01.2026 : Published on - 24 Dec 2025 | 
Prof. Dinesh Kumar
Vice Chancellor
Email: vc@svsu.ac.in, vcoffice@svsu.ac.in
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About SVSU

Shri Vishwakarma Skill University (SVSU), established in Palwal, Haryana, is India’s first Government Skill University, dedicated to providing high-quality skill education. Founded by the Government of Haryana, SVSU is a pioneering institution focused on bridging the gap between industry requirements and academia by delivering industry-aligned, hands-on skill programs.

SVSU’s mission is to empower youth with advanced skills, knowledge, and employability through a unique model of skill education that combines theoretical learning with practical exposure. Our industry partnerships and collaborations with leading organizations offer students experiential learning through internships, apprenticeships, and on-the-job training, which equip them with the competencies required in today’s job market.

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Latest from Shri Vishwakarma Skill University

What's Happening in SVSU

20 Jan 2026

देहात की महिलाओं को स्वावलम्बी बनाएगा एसवीएसयू

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय आसपास के देहात की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगा। इसका ज़िम्मा स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन को सौंपा गया है। मंगलवार को दुधौला, बघोला और आमरू सहित कई गाँव की महिलाओं को विश्वविद्यालय में परिसर में आमंत्रित कर उन्हें योजनाओं से अवगत करवाया गया। इस बैठक में महिलाओं को संबोधित करते हुए स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाना हमारा बड़ा उद्देश्य है। इसके लिए महिलाओं को उनकी ज़रूरत के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में हरसंभव सहायता प्रदान करेगा। महिलाओं को ट्रेनिंग से लेकर उनके उत्पाद की मार्केटिंग और उनका बैंक के साथ समन्वय करवाने का कार्य भी किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने महिलाओं को ऊषा कंपनी द्वारा आयोजित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यहां ट्रेनिंग लेने वाली महिलाओं को उच्च गुणवत्ता के उत्पाद बनाने का कौशल प्रदान किया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए इंडस्ट्री रिलेशन्स एन्ड एलुमनी अफेयर्स (इरा) की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं को कौशल के माध्यम से रोज़गार से जोड़कर स्वावलंबी बनाना हमारा उद्देश्य है। इस अभियान के साथ महिलाओं के कौशल को गति दी जाएगी और उन्हें विभिन्न तरह की ट्रेनिंग के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा। निदेशक चंचल भारद्वाज ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के विषय में भी जागरूक किया और उनका लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसपास के देहात की महिलाओं की सहायता करेगा। महिलाओं ने इस दौरान उषा द्वारा स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का भ्रमण किया और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विभिन्न ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर एनआरएलएम की ओर से सुमित ने महिलाओं को उत्साहित किया और इस पहल के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर डिप्टी ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. विकास भदौरिया, उप निदेशक अमीष अमेया और सहायक उप निदेशक पूजा भी उपस्थित रहे।

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19 Jan 2026

जापानी संस्थानों से हाथ मिलाएगा श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जापान के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाएगा। इसके लिए कई बड़े जापानी संस्थानों के साथ हाथ मिलाने की तैयारी है। अपनी एक सप्ताह की जापान यात्रा से लौटे कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया इंडिया जापान हायर एजुकेशन मिशन के अंतर्गत यह दौरा बेहद सफल रहा। इंडिया-जापान यूनिवर्सिटी लीडर्स समिट-2026 में कई जापानी संस्थानों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ आपसी साझेदारी की पेशकश की है। यह परस्पर साझेदारी न केवल अकादमिक तौर पर महत्वपूर्ण होगी, बल्कि युवाओं के रोजगार की दृष्टि से भी यह काफी महत्वाकांक्षी कदम साबित होगा। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने अपने जापान दौरे में वहां के कई नामचीन विश्वविद्यालयों, शिक्षण तथा प्रशासनिक संस्थानों का भ्रमण किया और उनके शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें की। इनमें क्योटो यूनिवर्सिटी, कंसाई यूनिवर्सिटी, सोफिया यूनिवर्सिटी और जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गेनाइजेशन सहित कई संस्थानों के नाम शामिल हैं। जापान के शिक्षा, संस्कृति, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ भी टोक्यो में महत्वपूर्ण बैठक हुई है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि जापान भारत को अपने रणनीतिक साझीदार के रूप में और प्रगाढ़ संबंध बनाना चाहता है। इसी कड़ी में वहां की सरकार भारत के साथ उच्च शिक्षा, रिसर्च, मोबिलिटी, प्रतिभा विकास और कौशल विकास के कार्यक्रमों में भागीदारी चाहती है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में आयोजित समिट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सुमेलित करते हुए विविध आयामों पर चर्चा हुई है। जापान के सभी संस्थान भारतीय संस्थानों के साथ भागीदारी के लिए उत्सुक हैं। वर्क फ़ोर्स और पेशेवर क्षेत्रों में भारत का प्रतिनिधत्व बढ़ाने के लिए जापानी खुली बाहों से स्वागत कर रहे हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि नर्सिंग, एल्डर केयर, योगा, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न क्षेत्रों युवाओं की जापान में बहुत जरूरत है। यदि हमारे युवा जापानी लेंग्वेज के लेवल पार कर लें तो उसी के अनुरूप रोजगार के अवसर उनका इंतजार कर रहे हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जापानी लेंग्वेज कोर्स को अन्य स्किल आधारित प्रोग्राम के साथ जोड़ कर इस दिशा में तत्परता से कार्य करेगा। उन्होंने भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक और कौंसल जनरल ऑफ़ इंडिया चंद्रु अप्पार के सहयोग और सत्कार की भी सराहना की।

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16 Jan 2026

एसवीएसयू की कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा को मिला एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा को ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन की ओर से एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदान किया गया है। उन्हें अकादमिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह अवार्ड मिला। भारत में आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्डसन ने शुक्रवार को गुरुग्राम में आयोजित एकेडेमिया-इंडस्ट्री मीट- 2026 में प्रोफेसर ज्योति राणा को इस अवॉर्ड से नवाजा। प्रोफेसर ज्योति राणा ने इस उपलब्धि पर कृतज्ञता ज्ञापित की है। उन्होंने यह अवॉर्ड श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय परिवार को समर्पित किया है। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने कहा कि फैकल्टी, स्टाफ और विद्यार्थियों के अनुशासित योगदान से ही यह सब संभव हो पाया है। सबके प्रयासों से ही विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता आई है। एक परिवार के रूप में सबका सहयोग और योगदान हमेशा और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है। प्रोफेसर ज्योति राणा ने कहा कि सार्थक और सकारात्मक बदलाव के लिए हम सबने एक टीम के रूप में कार्य किया। यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड उसी की परिणति है। गौरतलब है कि देश के पहले राजकीय कौशल विश्वविद्यालय के रूप में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने कौशल आधारित प्रोग्राम में अभूतपूर्व कार्य किया है। ऑन द जॉब ट्रेनिंग से लेकर पढ़ाई के साथ-साथ कमाई का मॉडल और इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड प्रोग्राम शुरू कर यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा में स्किल का आदर्श मॉडल बन कर उभरा है। प्रशासनिक दक्षता की दृष्टि से ई-ऑफिस को अपना कर इस विश्वविद्यालय ने एक नज़ीर पेश की है। पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यों की तीव्रता के लिहाज से यह एक अनुकरणीय मॉडल बना है। ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा में मुख्य पैनलिस्ट के रूप में भी हिस्सा लिया। उन्होंने ‘ब्रिजिंग द एम्प्लॉयेबिलिटी गैप: एकेडेमिया की इंडस्ट्री रेडीनेस में भूमिका’ विषय पर बात की। यह विषय आज के समय में बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आजकल कंपनियां ऐसे युवाओं को चाहती हैं जो पहले से ही काम करने के लिए तैयार हों।

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13 Jan 2026

'स्वामी विवेकानन्द आत्मविश्वास, साहस और प्रेरणा के द्योतक'

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में श्रद्धा एवं उत्साह से मनाई गई। इस उपलक्ष्य में स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ के माध्यम से एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील कुमार गर्ग ने झंडी दिखा कर दौड़ को रवाना किया और विद्यार्थियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय युवा दिवस पर एनएसएस और छात्र कल्याण विभाग की ओर से पुष्पगिरि भवन में गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के प्रतिनिधि थे। उन्होंने शिकागो में विश्व बंधुत्व का सन्देश दिया। स्वामी जी के विचार को पढ़ने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। सतेंद्र सौरोत ने कहा कि उनके साहित्य से हर व्यक्ति एक जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। उनके दर्शन में विवेक और आनंद, दोनों ही समाहित हैं। अनुप्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी संकाय की डीन डॉ. सुचित्रा वशिष्ठ ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद महान संत और विचारक थे। वह युवाओं के लिए सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत हैं। डॉ. सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी आत्मविश्वास, साहस और प्रेरणा के द्योतक हैं। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के हजारों कथन आज भी सबको प्रेरित करते हैं। उनका जीवन सबके लिए प्रेरणा है। प्रोफेसर कुलवंत सिंह ने विद्यार्थियों से स्वदेशी मुहिम में योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। डॉ. भावना रूपराई ने मंच संचालन के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचार विद्यार्थियों तक प्रेषित किए। एनएसएस के समन्वयक डॉ. नकुल ने सभी एक आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान ओएसडी संजीव तायल, डॉ. मनीष, संशबीर डागर, आदित्य प्रताप सिंह, निताशा, तरुणा, ऋतु, डॉ. सुषमा, प्रवीण, नेहा, सुरभि, लवली, विकास, संदीप शम्भु एवं कुलदीप सहित विद्यालय के कई अन्य शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे।

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